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वाहन परिमार्जन नीति क्या है?

यह एक ऐसा कार्यक्रम है जो अक्षम वाहनों को नष्ट कर देता है जो  प्रदूषण का कारण बनते है
कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा
इसका उद्देश्य प्रदूषण मुक्त, पर्यावरण के अनुकूल वातावरण बनाना है
स्क्रैपेज नीति भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र को एक नई पहचान देगी
सड़कों से पुराने वाहनों को हटाने में नीति अहम भूमिका निभाएगी
पूरे भारत में स्वचालित परीक्षण स्टेशन और पंजीकृत स्क्रैपिंग केंद्र खोलेंगे
पहले चरण में करीब 70 स्क्रैपिंग केंद्रों का शुभारंभ होगा
लगभग 35,000 लोगों को वाहन फिटनेस सेंटर और स्क्रैप यार्ड में नौकरी मिलेगी
उम्मीद है कि इस कार्यक्रम से 10,000 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त होगा
फिटनेस और एमिशन टेस्ट में फेल होने वाले वाहनों को किया जाएगा खारिज
इसमें निजी वाहन शामिल हैं जो 20 से अधिक वर्षों से सड़कों पर हैं
15 साल से अधिक पुराने वाणिज्यिक वाहनों को भी खारिज कर दिया जाएगा
निजी वाहनों के लिए फिटनेस परीक्षण शुल्क 300-400 रुपये है और वाणिज्यिक वाहनों के लिए 1,000-1,500 रुपये है
वाहन परिमार्जन के लिए पंजीकरण कराने वालों को नई कार पंजीकरण व रोड टैक्स में छूट मिलेगी
वाणिज्यिक वाहनों के लिए कर में 25% और निजी वाहनों के लिए 15% की कटौती होगी
राज्य और केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले वाहन जो 15 वर्ष से अधिक पुराने हैं, उन्हें अप्रैल 2022 में समाप्त कर दिया जाएगा
बिना फिटनेस सर्टिफिकेट वाले बड़े वाणिज्यिक वाहन 2023 से खारिज कर दिए जाएंगे
परिमार्जन नीति जून 2024 से निजी वाहन मालिकों पर लागू होगी
वाहन स्क्रैपेज नीति धातु रीसाइक्लिंग व्यवसाय को बढ़ावा दे सकती है
सरकारी टैब के अनुसार, 1.7 मिलियन वाणिज्यिक वाहन सड़क पर फिट नहीं हैं
स्वैच्छिक वाहन-बेड़े आधुनिकीकरण कार्यक्रम गुजरात में निवेशकों की बैठक में शुरू किया गया था
पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत की विकास यात्रा में माइलस्टोन  साबित होगा
शिखर सम्मेलन वाहन स्क्रैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए निवेश आकर्षित करने के लिए आयोजित किया गया था
समिट का आयोजन सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा किया गया था

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