उद्यमी

ऐसे सफल उद्यमियों से मिलें, जो अपाहिज हैं।

भारत में, केवल कुछ हीं विकलांग समुदाय के लोगों ने  अपने सपने को हासिल किया है। अपनी शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद, कई भारतीय ,स्टार्टअप शुरू करने के अपने लक्ष्य तक पहुँच गए हैं।वे साबित करते हैं कि सफलता का सूत्र क्षमता है, उपलब्धता नहीं।

Simon George – Special Care Days

30 साल तक अपंग होने के बावजूद, 52 वर्षीय साइमन जॉर्ज,जो एक इंजीनियरिंग स्नातक है, ईन्होंने  विकलांग समुदाय के लिए  “पहली होलीडे कंपनी”  शुरू की। अपाहिज , बुजुर्गों और बीमार लोगो के लिए ये कंपनी काम करती है,जिन्हें विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है।

Sangeetha Desai – Raw Nature Company

अपनी उंगलियों के बिना जन्मी संगीता देसाई आज फैशन की दुनिया के सबसे चमकते सितारों में से एक हैं। उन्होंने ऐश्वर्या राय बच्चन के लिए भी परिधान तैयार किए हैं। 2006 में मुंबई बाढ़ के दौरान, उनका स्टूडियो पूरी तरह से बर्बाद हो गया था। चुनौतियों से ऊपर उठकर, वह अब पुरुषों और महिलाओं के लिए वनस्पति सौंदर्य उत्पादों का निर्माण कर रही है।

Ifthkar Ali – Aliquan Technologies

आगरा के रहने वाले इफ्तकार अली, जो पोलियो से प्रभावित थे, इन्होने दिल्ली में अपने सपने को साकार किया।उन्होंने IIM कलकत्ता स्नातक की स्थापना की और एक सॉफ्टवेयर और web development company Aliquan Technologies का नेतृत्व किया।

Shenaz Haveliwallah – Zobo Connect

19 साल की उम्र से मिर्गी से पीड़ित होने के बाद भी, शेनाज़ हवेलीवाला ने “ज़ोबो कनेक्ट” शुरू किया। ये  स्टार्टअप उद्यमियों की  सहायता करता  है।2017 में,उन्होंने एक सलाद कंपनी, “शेनाज़ ले गार्डन” की भी शुरुआत की।

Pranav Desai – Voice for Specially Abled

अहमदाबाद के प्रणव, जो एक छड़ी पर निर्भर हैं, आज ‘वॉयस ऑफ स्पेशलली एबल्ड पीपल’ के संस्थापक हैं, जो एक ऐसा संगठन है, जो अलग-अलग लोगों को सशक्त बनाता है।इस स्टार्टअप को 2015 में शुभारंभ किया गया था।

Sharat M Gaykwad – Gammatics

हाथ की विकृतियों के साथ जन्मे शरथ एम. गायकवाड़ आज एक पैरालंपिक तैराक हैं। उन्होंने 2014 में बेंगलुरु में एक स्टार्टअप, गैमैटिक्स की स्थापना की है। यह एक मंच है जो कई  उपकरणों के साथ तैराक प्रदान करता है।

Muhammed Gaddafi – Ma Ula

मुहम्मद गद्दाफी ने 19 साल की उम्र में अपने पैर खो दिए। उन्होंने समान विकलांगता से पीड़ित लोगों के लिए एक स्टार्टअप catering शुरू किया।गद्दाफी का स्टार्टअप Ma Ula है, जो अपंग लोगों द्वारा संचालित देश की पहली बाइक सेवा है।स्टार्टअप का चेन्नई में शुभरंभ किया गया था। इतिहास में पीएचडी रखने वाले गद्दाफी प्रेसीडेंसी कॉलेज में शिक्षक थे।
ऐसे और भी कई  नाम हैं, जिन्होंने कुछ कर दिखाने के अपने सपने को साकार कर दिखाया  । इस तरह की सभी प्रतिभाएं इस बात का जीता जागता सबूत हैं कि उद्यम शुरू करने के लिए चुनौतियां बाधा नहीं हैं,ज़रूरत  है तो बस दृढ़निश्चय और आत्मसंकल्प की ।

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