कोरोना वायरस का प्रकोप और इसके बाद होने वाले लॉकडाउन ने दुनिया को याद दिलाया कि भूख सबसे बड़ा धर्म है और अन्न भगवान है। जब सभी क्षेत्रों से जीविका के मार्ग बंद होने लगे तब सब के लिए भोजन का प्रबंध कर रहे है . IG P विजयन के नेतृव के केरला पुलिस की ननमा ट्रस्ट ।लॉकडाउन के शुरू होते ही उन्होंने फैसला किया की एक पेट भी भूखा नहीं रहेगा । आज एक पेट भरे और एक भूख मिटाये नामक कार्यक्रम के जरिये सैकड़ो लोगो तक भोजन पहुंचाया जा रहा है ।आज एक पेट भरे और एक भूख मिटाये कार्यक्रम के माद्यम से 20,000से भी अधिक लोगो को रोज भोजन प्रदान किया जा रहा है 40 दिनों में वितरित किए गए खाद्य पैकेजों की कुल संख्या 4 लाख से अधिक है!अधिकांश जिलों में, विशेष रूप से सुसज्जित रसोई में भोजन पकाया जाता है।
सोशल डिस्टन्सिंग के इस दौर में लोगो को मानसिक रूप से जोड़ रहा है एक पेट भरे और एक भूख मिटाये नामक ये कार्यक्रम।जिम्मेदारी के साथ जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने का ये कार्यक्रम मानवता अभी भी जीवित है उसका अनुस्मारक है ।एकता, प्रेम और एक जुट होकर आगे बढ़ाना ही यही मायने में मनुष्य जीवन का लक्ष्य होना चाहिए ये स्थिति हमे ये सिखाती है ।
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